यदि पंचमेश, सप्तमेश एवं शुक्र का शुभ संयोग हो अथवा पंचमेश और सप्तमेश एक साथ हो तो प्रेम विवाह होता है । यदि पराक्रमेश (तृतीय भाव का स्वामी) सप्तम भाव में हो तो भी जातक के प्रयत्न से विवाह होता है अर्थात प्रेम विवाह की संभावना होती है । नीच राशिस्थ सू...
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