वेदिक ज्योतिष में पितृ दोष को बहुत गंभीर माना गया है। यह दोष तब बनता है जब जन्मकुंडली में सूर्य, चंद्र या राहु प्रभावित होते हैं या जब नवम भाव (पितरों का भाव) अशुभ ग्रहों से ग्रसित हो। पितृ दोष को अक्सर पूर्वजों के अधूरे कार्य, श्राद्ध संस्कारों की क...

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